Tuesday, December 22, 2009

फ्रेंड शिप एस एम् एस

फ्रेंड शिप एस एम् एस

कहीं ना कहीं बातों की अदा है दोस्ती
हर गम की सिर्फ इक दवा है दोस्ती
सिर्फ कमी है महसूस करने वालों की
महसूस करो तो जमीं पे जन्नत है दोस्ती।
गमों को बेचकर खुशी खरीद लेंगे
ख्वाबों को बेचकर जिंदगी खदीद लेंगे
होगा इम्तिहान तो दुनिया देखेगी
हम अपनी बोली लगाकर आपकी दोस्ती ले लेंगे।
फिजा में बहारों के संवरने से पहले
आसमान में सितारों के बिखरने से पहले
हमने खुदा से मांगी थी दोस्ती आपकी
इस जमीन पर उतरने से पहले
एक दिन प्यार और दोस्ती मिले,
प्यार ने दोस्ती से पूछा-
मेरे होते हुए तुम्हारा यहां क्या काम है?
दोस्ती बोली- मैं उन होंठों पे मुस्कान लाती
हूं जिन पें तुम आंसू दे जाते हो।
जो पल-पल चलती रहे- जिन्दगी
जो हर-पल जलती रहे- रोशनी
जो पल-पल खिलती रहे- मोहब्बत
जो किसी पल साथ न छोडे- दोस्ती।
दोस्ती नाम है जिन्दगी का,
शुरू विश्वास से होती है
इससे बढकर कोई नाता नहीं,
खत्म आखिरी सांस पे होती है।
फ्रैडशिप ऐसा नेटवर्क है जिसको
ना रिचार्ज की जरूरत होती है न रोमिंग की
न वेलीडिटी लिमिट की, न एक्टिवेशन की,
न इसे सिग्नल प्रोब्लम होती ह।
और न बैटरी डिस्चार्ज होने की समस्या
फैंडशिप तो लाइफ टाइम इनकमिंग है।
नजर तुम्हारी, नजर हमारी,
नजर ने दिल की नजर उतारी
नजर ने देखा नजर को ऐसे कि
नजर दोस्ती को लगे ना हमारी।
दोस्ती का पहला पैगाम आफ नाम,
जिदंगी की आखरी सांस आप्के नाम
रहे सलामत यह दोस्ती अपनी,
इसे सलामत रखना आपका काम।
लोग मिलते हैं एवरी टाइम,
पसंद आते हैं सम टाइम
दोस्ती है वन टाइम,
जो रहती है लाइफ टाइम।
ख्वाबों में आने वाले तेरा शुकि्रया,
दिल को बहलाने वाले तेरा शुकि्रया
क्यों करता है इस जमाने में किसी से दोस्ती इतनी,
हमें दोस्त कहने वाले तेरा शुकि्रया।
दोस्ती का रिश्ता अनोखा है
ना गुलाब सा है ना कांटो सा
दोस्ती का रिश्ता तो उस डाली की तरह है जो
गुलाब और कांटे दोनो को एक साथ जोडे रखता है आखरी दम तक।
आपकी दोस्ती को ईमान मानते हैं,
निभाना अपना ईमान मानते हैं
हम वो नहीं जो दोस्ती में अपनी जान दें
क्योकि दोस्तों को हम अपनी जान मानते हैं।
तुम्हारी इस अदा का क्या जवाब दूं,
अपने दोस्त को क्या दुआ दूं
कोई अच्छा सा गुलाब होता तो किसी से मंगवाता,
जो खुद गुलाब है उसको क्या गुलाब दूं।
हम कितने भी दूर रहे, पर
दोस्ती के सिलसिले कभी कम नहीं होगे
तुम जहां भी हो पलटकर देखना,
तुम्हारे साये की जगह हम ही होगे।
कोई दोस्त ऐसा बनाया जाए
जिसके आसुंओ को पलको में छुपाया जाए
रहे उसका और मेरा रिश्ता ऐसा कि अगर वो रहे उदास तो
हमसे भी ना मुस्कराया जाए।
मजबुर हम नही कि उनको भूल जाएं
खिलौना हम नहीं कि यूं ही टूट जाएं
दुआ से खरीदा है हमने अपनी दोस्ती को
दौलत से नहीं कि कही रखकर भूल जाएं।
जो चीज मांगकर मिले वो मन्नत है
चाहकर मिले वो चाहत है
पास हो तो अमानत है
दिल से मिले वो रहमत है
पर आप जैसा दोस्त मिले वो हमारी किस्मत है।

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