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Wednesday, March 2, 2011

गूंथ ले जी भर के, खस्ता होंगी पूड़ियॉ

आज कंगन खनके, बजे सारी चूड़ियॉ
गूंथ ले जी भर के, खस्ता होंगी पूड़ियॉ
 
टिमिक-टिमिक जोत जले, सुगबुगाए
झिंगुर के बोल तले कोई बुलाए
प्यार खिलता है जितनी हो मजबूरियॉ
गूंथ ले जी भर के, खस्ता होंगी पूड़ियॉ
 
कर रही है चॉदनी, चंदा से मुलाकात
खामोश, कदम दबा चले आ, हो बात
कसमसाती रात को सहन ना हो दूरियॉ
गूंथ ले जी भर के, खस्ता होंगी पूड़ियॉ
 
चंदा सर पर चढ़ आया, थोड़ी रात है
तन का पैग़ाम मन की भी बात है
मंज़िल है दूर चल दौड़ चढ़ें सीढ़ियॉ
गूंथ ले जी भर के, खस्ता होंगी पूड़ियॉ
 
बचके आना जगती हों ना निगोड़ियॉ
गूंथ ले जी भर के, खस्ता होंगी पूड़ियॉ
 

 
Aaj kangan khanake, baje sari choodiyan
Goonth le ji bhar ke, khasta hongi pudiyan
 
Timik-timik jot jale,sugbugaye
Jhingur ke bol tale koi bulaye
Pyar khilta hai jitani ho majburiyan
Goonth le ji bhar ke, khasta hongi pudiyan
 
Kar rahi hai chandani, chanda se mulakat
Khamosh, kadam daba chale aa, ho baat
Kasmasati raat ko sahan na ho dooriyan
Goonth le ji bhar ke, khasta hongi pudiyan
 
Chanda sar chadh ayaa,thodi raat hai
Tan ka paigham man ki bhi baat hai
Manzil hai door chal daud chadhein sidhiyan
Goonth le ji bhar ke, khasta hongi pudiyan
 
Bachake anaa jagti hon na nigodiyan
Goonth le ji bhar ke, khasta hongi pudiyan

जुलूम होगा आज रात दईया रे दईया

छूकर बदन को क्यूँ जगाया रे गुंईया
जुलूम होगा आज रात दईया रे दईया
 
एक हवा मस्तानी, दीवानी चलेगी यहॉ
मस्तियों में पिघलने लगेगा सारा जहॉ
सॉस-सॉस मचल गाए सैंया रे सैंया
जुलूम होगा आज रात दईया रे दईया
 
उफ तपिश इतनी कि शोला पिघल जाए
थोड़ा-थोड़ा भींगापन पर्वत भी फिसल जाए
कभी मुड़े टांगें मुड़ जाए कभी बैंया
जुलूम होगा आज रात दईया रे दईया
 
एक तड़प कितनी बेसब्र बन जाती है
बारिश भी भींगने को खुद तड़प जाती है
अंग-अंग एक दूजे की लें बलैंया
जुलूम होगा आज रात दईया रे दईया
 
खुलकर के नाचा नचाया मुझे छैंया
जुलूम होगा आज रात दईया रे दईया
 

 
Chhookar badan ko jagaya kyon sainya
Julum hoga raat aaj daiya re daiya
 
Ek hawa mastani, diwani chalegi yahan
Mastoyon me pighalne lagega sara jahan
Saans-Saans machal gaye saiyan re saiyan
Julum hoga raat aaj daiya re daiya
 
Uff tapish itani ki shola pighal jaye
Thoda-thoda bhingapan parwat bhi fisal jaye
Kabhi mude taange mud jaye kabhi baiyan
Julum hoga raat aaj daiya re daiya
 
Ek tadap itani besabr ban jati hai
Barish bhi bhingane ko khud tadap jati hai
Ang-ang ek duje ki lein balaiya
Julum hoga raat aaj daiya re daiya
 
Khulkar ke nacha nachaya mujhe chhaiyan
Julum hoga raat aaj daiya re daiya

Monday, November 15, 2010

कैसी कैसी शायरी?--फनी शायरी

कैसी कैसी शायरी?

तुमको देखा तो ये ख्याल आया
पागलों के स्टाक में नया माल आया





इधर खुदा है, उधर खुदा है
जिधर देखो, उधर खुदा है
इधर उधर बस खुदा ही खुदा है
जिधर नही खुदा है….उधर कल खुदेगा




कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाने को….
कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाने को….
कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाने को….
न्यूकलियर पावर का जमाना है, बम से उड़ा दो साले को….




तोहार चेहरा मोती समान
तोहार चेहरा मोती समान
मोती हमार कुत्ते का नाम




दरख्त के पैमाने पे चिलमन ए हुस्न का फ़ुरकत से शरमाना….
दरख्त के पैमाने पे चिलमन ए हुस्न का फ़ुरकत से शरमाना….
ये लाइन समझ मे आये तो मुझे जरुर बताना!!

तेरे दर पे सनम हजार बार आयेंगे…..
तेरे दर पे सनम हजार बार आयेंगे…..
घन्टी बजायेंगें और भाग जायेंगे!!

जिस वक्त खुदा ने तुम्हे बनाया होगा,
एक सरूर सा उसके दिल पे छाया होगा….
पहले सोचा होगा तुझे जन्नत मे रख लूँ…
फ़िर उसे ज़ू का ख्याल आया होगा!!

मै तुम्हारे लिये सब कुछ करता
मगर मुझे काम था…
मै तुम्हारे लिये डूब कर मरता..
मगर मुझे जुकाम था!!

मेरे मरने के बाद मेरे दोस्तों
यूं आँसू ना बहाना..
अगर मेरी याद आये तो..
सीधे ऊपर चले आना!!

उनकी गली से गुज़रे…अजीब इत्तेफ़ाक था…
उनकी गली से गुज़रे…अजीब इत्तेफ़ाक था…
उन्होने फूल फेंका…गमला भी साथ था!!

तुमको देखा तो एक खयाल आया….
तुमको देखा तो एक खयाल आया….
तुम्हारी सहेली को देखा तो दूसरा खयाल आया!!

मस्त शायरी (हिंदी एस एम एस)

ये रात इतनी तनहा क्यूँ होती है,
अपनी किस्मत से सबको शिकायत क्यों होती है,
अजीब खेल खेलती है किस्मत,
जिसे हम पा नही सकते, उसी से मोहब्बत क्यों होती है।



दर्द जितना सहा जाए उतना ही सहना,
किसी के दिल को जो लग जाए वो बात न कहना,
मिलते है हमारे जैसे लोग बहुत कम,
इसलिए हमसे॥''कभी अलविदा ना कहना"


फासले मिटा कर आपस में प्यार रखना,
दोस्ती का ये रिश्ता यूँ ही बरकरार रखना,
बिछड़ जाए कभी हम आपसे,
तो आँखों मैं हमेशा हमारा इंतज़ार रखना


आँखों में आंसुओ की तरह रहनेवाले,
भीगी पलकों से तेरा दीदार करते है,
तुझे पाना तो एक खवाब है,
ये जानकर भी तुमसे प्यार करते है


किसी को मोहब्बत की सच्चाई मार डालेगी,
किसी को मोहब्बत की गहराई मार दलागी,
और जो मोहब्बत नहीं करेगा
उसे तन्हाई मार डालेगी


पलको के किनारे जो हमने भिगोये नहीं,
वो कहते हैं की हम रोये नहीं,
वो पूछते हैं की किसे देखते हैं हम ख़्वाबों में,
और एक हम हैं जो अरसे से सोये नहीं


बाहों मे मेरी झूलकर, गर नजरों से पिलाओगी तुम।
हम तो होश गवा देंगें, जन्नत् मे पहुच जाओगी तुम॥

सासू चालीसा--फनी

सासू चालीसा
जय जय जय सासू महरानी हरदम बोलो मीठी वाणी.
तुम्हरी हरदम करवय सेवा फल पकवान खिलाउब मेवा//

हम पर ज्यादा करो न रोष हम तुमका देवय न दोष.
तुम्हरी बेटी जैसी लागी तुम्हारी सेवा म हम जागी//

रूखा-सूखा मिल के खाबय करय सिकायत कहू न जावय
पति देव खुश रहे हमेशा उनके तन न रहे क्लेशा.

इतना वादा कय लिया माई फिर केथऊ कय चिंता नाही//
जीवन अपना चम-चम चमके फूल हमरे आंगन म गमके.

जैसी करनी वैसी भरनी तुम जानत हो मेरी जननी//
संस्कार कय रूप अनोखा कभौ न होय हमसे धोखा.
हसी खुशी जिनगी बीत जाये सुख दुख तो हरदम आये//

दोहाः रोग दोष न लगे ई तन मा.जाता रहे कलेश
सासू मॉ की सेवा जो करे खुशी रहे महेश..

बोलो सासू माता की जै,,

फनी शायरी

Zindage ki garee mein pyar ka petrol zaroree hain,
Agar petrol hain to dil mein umangon ka oil bhi zaroree hain,
Varna life k engion mein pyar ki ringe beth saktee hain,
Or life ke garee nahin chal saktee hain

Aap ki yaad me maine kalam uthai,
Liya kagaj, tasveer aapki banai,
Socha tha dil se laga ke rakhenge us tasveer ko,
Par vo to bacchoko darane ke kaam aayi....

Kitne din ho gaye,
Kitne hafte gujar gaye.
Baat mahino tak bhi chali gai
ab saal bhi ho jayega,
Ab to kehna mano chalo aisa na karo jaldise utho aur naha lo....

Door rehkar un dooriyon ko badhya nahhi karte,
Apne dost ko is tarha sataya nahi karte,
Jise harwaqt khyal ho aapka,
apni aawaz ke liye usse istarha tarsaya nahi karte....

Thursday, April 29, 2010

इक अरसा हुआ धूप में दाढ़ी बनाए हुए

इक अरसा हुआ धूप में दाढ़ी बनाए हुए
इक दड़बे में घुस के श्रृंगार करते हैं

हमसे बड़ा कालिदास कोई और क्या होगा
रोज अपने ही चेहरे पे तेज धार करते हैं

कहते हैं कि उठा लेगा उठानेवाला एक दिन
और हम हैं कि अलार्म पे ऐतबार करते हैं

पीढियां अक्षम हुई हैं, निधि नहीं जाती संभाले
रोज-रोज नए मॉडल का इंतज़ार करते हैं

हर गलती में हमारा भी कुछ हाथ होगा
इस सम्भावना से हम कहाँ इंकार करते हैं

चलो अच्छा ही हुआ हमने सच सुन लिया
वरना हम तो समझते थे कि हम तुमसे प्यार करते हैं

Friday, March 19, 2010

अक्ल बङी या भैंस

महामूर्ख दरबार में, लगा अनोखा केस
फसा हुआ है मामला, अक्ल बङी या भैंस

अक्ल बङी या भैंस, दलीलें बहुत सी आयीं
महामूर्ख दरबार की अब,देखो सुनवाई

मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस सदा ही अकल पे भारी
भैंस मेरी जब चर आये चारा- पाँच सेर हम दूध निकारा

कोई अकल ना यह कर पावे- चारा खा कर दूध बनावे
अक्ल घास जब चरने जाये- हार जाय नर अति दुख पाये

भैंस का चारा लालू खायो- निज घरवारि सी.एम. बनवायो
तुमहू भैंस का चारा खाओ- बीवी को सी.एम. बनवाओ

मोटी अकल मन्दमति होई- मोटी भैंस दूध अति होई
अकल इश्क़ कर कर के रोये- भैंस का कोई बाँयफ्रेन्ड ना होये

अकल तो ले मोबाइल घूमे- एस.एम.एस. पा पा के झूमे
भैंस मेरी डायरेक्ट पुकारे- कबहूँ मिस्ड काल ना मारे

भैंस कभी सिगरेट ना पीती- भैंस बिना दारू के जीती
भैंस कभी ना पान चबाये - ना ही इसको ड्रग्स सुहाये

शक्तिशालिनी शाकाहारी- भैंस हमारी कितनी प्यारी
अकलमन्द को कोई ना जाने- भैंस को सारा जग पहचाने

जाकी अकल मे गोबर होये- सो इन्सान पटक सर रोये

मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस का गोबर अकल पे भारी
भैंस मरे तो बनते जूते- अकल मरे तो पङते जूते
--
http://fun-mazza-masti.blogspot.com/

Saturday, February 27, 2010

शादी है एक ऐसा अजूबा

शादी है एक ऐसा अजूबा

जो अच्छे-खासे को एक दिन

बना दे नमूना

बना दे

टाईगर को बिल्ली

और

बीवी को टाईगर

जो देता था फूल

वो लगता है 'फ़ूल'

दुनिया के आगे

कर के भूल कबूल

मानो प्राईमरी का बच्चा

लिखे ब्लैकबोर्ड पे दस बार

माफ़ करे मिस!

मैं करूँगा होमवर्क हर बार

Thursday, February 18, 2010

Hasna mana hai

Dil ki baat dil mein mat rakhna,
Jo pasand ho usse ILU kehna.
Agar wo ghusse mein aa jaaey to darna mat ,
Raakhi nikalna aur kehna pyari behna milti rehna...
School Mein Ishq Ka Naya Mahool Tyar Ho Gaya,
Class Ki Teacher Ko Papu Se Pyar Ho Gaya.
Iss Baat Se Sari Class Ka Dil Udas Ho Gaya,
Sari Class Fail, Aur..... Papu Pass Ho Gaya....
Aapke dil me basjayenge SMS ki tarah.,.,
Dil me bajenge RING TONE ki tarah.,.,
Dosti kum nahi hongi BALANCE ki tarah.,.,
Sirf aap busy na rehana NETWORK ki tarah.....
UNKI GALI SE MERA JANAZA NIKLA WO NA NIKLE JINKE LIYE JANAZA NIKLA, UNKA GHAR AAYA TO MERE DOST SITI BAJANE LAGE,
RAKHKE MERA JANAZA KAMINE USKO PATANE LAGE....
Tere gam me tadap kar mar jayenge,
Mar gaye to tera naam lejayenge...
Rishwat de ke tujhe bhi bulaenge,
Tum upar aaoge to saath baith ke Kurkure khaenge....
Mere Dil, Jiger, Kidney, Liver ho tum,
waqt-bewaqt aaye vo fever ho tum.
Doob kar jisme marr jaoo vo River ho tum,
Mere jeevan mein ab to forever ho tum…
Arz kiya hai!!!...Itne kamjor hue teri judai se...
Gaur farmaiye...Itne kamjor hue teri judai se...
Ki chinti bhi ab kheech le jaati hai charpai se....
palkon pe apni bitaya hai tumhe,
Badi duao ke baad paaya hai tumhe,
Aasani se nahi mile ho tum
National zuological Park se churaya hai tumhe....!!!
kabhi kehte the dost hamare ke jaan bhi maango to hazir hai ,
Aaj apni bivi ko jaan kehte hai,Aur maango to inkaar karte hain...
Naari ke chakkar mein bhool na jaana yaari,
Jab laat maaregi naari to yaad aayegi hamari...
Purush bachao samiti ki taraf se Janhit mein jaari....
Aaj kuch gahbraye se lagte ho,
Thand mein kampkapaye se lagte ho...
Nikhar kar aayi hai surat aapki,
Lagata hain Bahut dino baad nahaye se lagte ho...
PATTE GIR SAKTE HAIN PED NAHI,
SURAJ DOOB SAKTA HAIN ASMAAN NAHI,
DHARTI SOOKH SAKTHI HAI DARIYA NAHI,
DUNIYA SUDHAR SAKTI HAI PAR AAP NAHI....
Batoun mein jiski rawani nahi hai,
Usay kabhi Jillat uthani nahi hai,
Yeh chehray par jo tu dekhta hai,
Woh powder hai nada(Pure) Jawani nahi hai....
College ki galion mein ajjeb khel hota hai,
Class ke bahane dilo ka khel hota hai,
Nitis ki jagah luvmail hota hai, Isliye to Pappu har saal fail hota hai...
Mein Tumhare Liye Sab Kuch Karta..
Magar Mujhe Kaam Tha......
Mein Tumhare Liye Doob Ke Marta...
Magar Mujhe Zukham Tha !
Gunghat Mein Tujhe Dekha To Deewanna Hua,
Sangeet Ka Taraana Hua, Shamaa Ka Parwana Hua,
Masti Ka mastaana Hua,
Jaise Hi Gunghat Uthaya Is Duniya Se Ravana Hua...
Suraj se achha Tara koi nahi,
Jaisa hai Rishta humaraa dusraa koi nahi!
Chahe saari duniyaa me dhund lo;
Mere jaisa Pyaraa, aur Tere jaisa Aawaraa aur koi nahi!!
Bhagwan ke naam pe 1 patni dede...
Apni nahi toh dusre ki dede...
Bhagwan tujhe 1 kay badle3 dega
Anurag ki tarah Prerna kay saath Aparna aur komolika free dega...
Baithe tere khayalon mein,
Kore kagaz pe likh dala tera naam...
Tasvir bhi utaar dali,Aur likha yeh paigam...
Zinda ya Murda pakdnewale ko 5000/- inaam...
Macchar ne jo kata... dil main mere junoon tha.
Khujli hui itni... dil be sukoon tha.
Pakada to chod diya yeh soch kar ki....
Sale ki ragon main apna hi khoon tha...
Khuda kare tujhe har jagah se satkar mile,
Mujh se bhi acche yaar milen.
Rakhi ko teri girlfriend tujhe rakhi bandhe,
Aur tujhe zindagi bhar us se behan ka pyar mile...
Aapke hi charche har gali mein hain,
Har ladki ke dil mein aapke liye pyar hai.
Ye koi chamtkar nahi,Time hi aisa hai...
kyonki kuch hi dino me RAKHI ka tyohaar hai...
har khushi ko teri taraf moor doo.
Tery liye chand taare tak toor doo.
khushiyo k darwazey tere liye khol doo..
Itna kaafi hai ya do char or jhoot bole doon....
Jab jab ghire badal teri yaad ayi,
Jhom ke barsa sawan teri yaad ayi,
Bhiga main phir bhee teri yaad ayi,
Ab nahin raha jata, CHATRI LAUTA DE BHAI...
Ek ladki thi dewani si.
Mob lekar chalti thi, nazre jhukake,
Mob mein kuch karti thi. Jab bhi milti thi mujhse,
Yehi pucha karti thi... Ye chalu kaise hota hai?
Yusuf ka husn, Zulekha ka ghumaar dekha hai,
Kuch is tarah se Haseenon ka pyaar dekha hai,
Unhe khilane pilaane main hui hai yeh haalat,
Kasm khuda ki..Cinema bhi udhaar dekha hai...
Industrian sari mere yaar khaa gaye,
Meri Sari jaydaaad rishtedar khaa gaye,
Marne Ke baad bhi unho ne ki meri saath cheating,
Banaye mazar to minaar kha gaye.......

Sunday, February 7, 2010

कुछ बिंदास कुछ ख़ास...फनी शायरी

कभी हौंसला भी आजमाना चाहिए
बुरे वक़्त मे भी मुश्काराना चाहिए
जब दस दिनों मे खुज़ली ना मिटे
तो ग्याराहवे दिन नहाना चाहिए



सारे धोबी मारे मारे फ़िर रहे हैं
क्यूंकि उनके गधे नहीं मिल रहे हैं
गुप्त सूत्रों से पता लगा है कि
सारे गधे एस एम् एस पड़ रहे हैं



खुश रहे सदा ये दुआ है मेरी
तेरी प्रेमिका ही बन जाए भाभी तेरी



हाथी ने कहा जाकर हथिनी की कबर पर
सदके जाऊँ तेरी पतली कमर पर




तेरे इंतज़ार मे इस कदर वक्त बिता रहे हैं
तेरे इंतज़ार मे इस कदर वक्त बिता रहे हैं
कभी पिज्जा तो कभी आइसक्रीम खा रहे हैं



वो आज भी हमे देखकर मुस्कराते हैं
वो आज भी हमे देखकर मुस्कराते हैं
वो तो उनके बच्चे ही कमीने हैं
जो हमे मामा मामा कहकर बुलाते हैं



यूं देखा ना करो हमे हँसते हँसते
यूं देखा ना करो हमे हँसते हँसते
मेरे दोस्त बहुत ख़राब हैं
कह देंगे भाभीजी नमस्ते



बोतलें छुपा लो कबर मे
कब्रिस्तान मे पीया करना
जब मांगे हिसाब खुदा तो
पैग बना के दिया करना



आशिक पागल हो जाते हैं प्यार मे
जो कसार रह जाते है वो
पुरी हो जाती है इंतज़ार मे
मगर यह उनकी दिलरुबा नहीं समझती
वो बैठकर चली जाती है किसी और की कार मे



रामचन्द्रजी कह गए सिया से, ऐसा कलयुग आएगा
दोनों तरफ़ से एस एम् एस होंगे फोन कोई नहीं लगायेगा



अपने हुस्न पर नाज़ ना कर पगली
हमे पता है कि तू रोज़ लगाती है फेयर एंड लवली

दिलजलों की शायरी

(1)
तू पहले ही है पिटा हुआ, ऊपर से दिल नाशाद न कर,
हो गई ज़मानत तो जाने दे, वो जेल के दिन अब याद ना कर,
तू उठ के रात को 12 बजे ,विह्स्की रम की फ़रियाद ना कर,
तेरी लुटिया डूब चुकी है , ऐ इश्क़ मुझे बर्बाद न कर....

(२)
खा के क़स्में प्यार की आए यहाँ,
गर्दिशों में पेंच ढीले हो गये,
ढूँढते हम फिर रहे हैं नौकरी,
और उनके हाथ पीले हो गये !!!

(३)
नंबर वाला पहन लिया चश्मा,
अब बड़ों में शुमार हमारा है,
आँखों में जो बसी थी कभी,
उसने भी अंकल कह के पुकारा है!

(४)
लड़की कहाँ से लाऊँ मै शादी के वास्ते,
शायद के इसमें मेरे मुक़द्दर् क दोष है,
अज़रा,नसीम,सना ओ सबा भी गईं,
एक शमा रह गई है सो वो भी खामोश है !

(५)
6 महीने ही में ये हाल हुआ शादी के,
साल तो दूर है फिर कभी ख्वाबों में मिलें,
इस तरह रक्खा है बेगम ने मुझे घर में,
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें..

मजेदार शायरी

कितनी जल्दी ये मुलाक़ात गुज़र जाती है ,
प्यास बुझती नही बरसात गुज़र जाती है,
अपनी यादों से कह दो न आया करें,
नींद आती नही और रात गुज़र जाती है.

ऐ दोस्त तेरी दोस्ती पर नाज़ करते है
हर वक्त मिलने की फरियाद करते है
हमे नही पता लेकिन घरवाले बताते है
कि हम नींद में भी आपसे बात करते हैं

चिरागों से अगर अंधेरे दूर होते तो
चांदनी की चाहत किसे होती,
कट सकती अगर ये जिंदगी अकेले तो
दोस्त नाम की चीज़ ही क्यों होती

हमे हँसने हँसाने की आदत है,
नज़रों से नज़रें मिलाने की आदत है,
पर हमारी नज़र तो उनसे है जा मिली,
जिन्हें नज़रें झुका के शर्माने की आदत है

सांसों मैं डाल कर रखना
दिल के पिंजरे मैं पाल कर रखना
टूटे दिल को सकूं देंगी ये यादें
इन यादों को सदा सम्हाल कर रखना

फिर चुपके से याद आ गया कोई,
मेरी आखों को फिर रुला गया कोई,
कैसे उसका शुक्रिया अदा करें,
मुझ नाचीज़ को शायर बना गया कोई.

यह प्यारी निगाहें याद रहेंगी,
मिल कर न मिलने की अदा याद रहेगी,
मुमकिन नही की मैं तुम्हे भुला दूँ,
क्यूंकि उमर भर तुम्हें भी मेरी याद आती रहेगी

पत्ती-पत्ती गुलाब क्या होगी,
हर कली महज ख्वाब क्या होगी !
जिसने लाखों हसीं देखे हो,
उसकी नियत ख़राब क्या होगी !!

सुनो गौर से पेप्सी वालो,
बुरी नज़र न कोक पे डालो
चाहे इतना ड्यू पिला लो,
सबसे आगे होगा नीम्बू पानी !

ज्यादा याद आये तो एस एम् एस करो

मेरी याद आये तो याद करो
ज्यादा याद आये तो एस एम् एस करो
और ज्यादा याद आये तो फ़ोन करो
और भी ज्यादा याद आये तो मिल लो
और ज्यादा याद आये तो ..
प्लीज़ झूठ बोलना बंद करो आपकी नज़रों ने हमें घायल कर दिया,
तुम्हारे एक इशारे ने हाल – इ – दिल बयां कर दिया .
यादों ने तुम्हारी हमें पागल बना दिया ,
रोये थे न कभी पर आपने रुला दिया ?
नज़रें न होती तो नज़ारा न होता ,
दुनिया मैं हसीनो का गुज़ारा न होता ,
हमसे यह मत कहो के दिल लगाना छोड़ दे ,
जाके खुदा से कहो के हसीनो को बनाना छोड़ दे

Wednesday, January 6, 2010

नया साल

नया साल

कौन कहता है यह नया जमाना है
धरती वही , सूरज वही, चंदा भी पुराना है
आज चारो तरफ छल कपट की दूकान है
आग लगी बाजार में , पैसे वालो की शान है
आसमान को छू रही महंगाई है आज
सब्जी भी महंगा हो गया आलू प्याज
देश में न अकाल हो न कंगाल हो
सभी को पेट भरने के लिए रोटी और दाल हो
मुबारक 2010 नया साल हो

बीवी बनाम साली

बीवी बनाम साली



पत्नी को कहें धर्मपत्नी या कहें अपनी घरवाली
घूम-घूम कर झूम-झूम कर रहे नचाते साली
रहे नचाते साली जैसे नाचे खाली थाली
मुस्काए तो ईद लगे हँस दे तो लगे दीवाली
हँस दे तो लगे दीवाली कुर्तें में लगा के जाली
ऑखों से जो करे ईशारा जीजा बन जाए सवाली
जीजी बन जाए सवाली साली मटके बन दिलवाली
बीवी की नज़रों से बच ढूंढे वक्त कोई खाली
ढूंढे वक्त कोई खाली जो मिले साली मतवाली
कर प्रणाम पत्नी को बना दूम साली को घरवाली.

Patni ko kahein patni ya apni gharwali
Ghoom-Ghoom kar jhoom-jhoom kar rahe nachate sali
Rahe nachate sali jaise nache khali thaali
Muskaye to ied lage hans de to lage diwali
Hans de to lage diwali kurte mein laga ke jaali
aankhon se jo kare ishara jija ban jaye sawali
Jija ban jaye sawali sali matake ban dilwali
Bibi ki nazaron se bach dhoondhe waqt koi khali
Dhoondhe waqt koi khali jo mile sali matwali
Kar Pranaam patni ko bana doon sali ko gharwali.

Tuesday, November 17, 2009

अमिताभ जया और ऐश्वर्या (funny

पिछले दिनों अमिताभ बचन को उनकी पत्नी जया जी ने अपनी बहु ऐश्वर्या पे डोरे डालते हुए पकड़ लिया| उस दृश्य को छोटी सी कविता के माध्यम से आप तक पहुचाने का प्रयास करूंगा...



एक दिन अमिताभ ने बुलाया अपनी पुत्रवधू को
बोले सुनिए विश्व-सुन्दरी सुश्री ऐश्वर्या राय
बहुत किया संग कजरा रे कजरा रे,आज
पिलाईये एक प्याला कड़क जायकेदार चाय
चाय कि भरी चुस्की फिर अमिताभ थोडा मुस्कुराये
ऐश्वर्या के ज़रा और करीब आये,और कान में झुककर
धीरे से बोले,"चीनी कम है, कुछ मीठा हो जाए"
ये देखकर जया रह गयी निशब्द
दौड़ती आई करते हुए है हाय हाय
बोली पिक्चर में जो किया सो मुहं काला किया
अब ऐश्वर्या को भी समझ रहे हो जिया
अरे इस उम्र में क्या फर्क पड़ता है चीनी ज्यादा है या कम है
च्यवनप्राश खाकर भी अब आप में कहाँ वो दम है....

Wednesday, November 4, 2009

रसगुल्ला/Rasgulla

रसगुल्ला/Rasgulla



यूँ ही बन-ठन कर हँसिए, इठलाईए
ज़िंदगी रसगुल्ला है खाईए, खिलाईए
हॉथ में या दॉत में फंसे जहॉ भी
धीरे-धीरे चूसिए, कमसिन है ना चटकाईए.
नर्म मुलायम गोल-गोल होता गुल्ला
सजाकर-सवॉकर मिलता खुल्लम खुल्ला
तरसिए ना, एक को तो दिल से उठाईए
नाज़ुक है रस निकल जाएगा, ना दबाईए.
चाशनी में डूबकर, खिलकर निखर जाए
गोल-गोल दूर से, सबको है तरसाए
किस्मत नही हिम्मत है, प्यार से बुलाईए
नर्म-नर्म चिकना-चिकना, प्यार से उठाईए.
रस भरे होठों ने कहा, कुछ हास्य लिख जाईए
हर रसगुल्ले में, मेरी ही मिठास पाईए
चाशनी में उछलते, छलकते यह बिन्दास मिज़ाज
मैं चला रसगुल्ले की और, आप भी फरमाईए.

!!!...यमराज का इस्तीफा...!!!

!!!...यमराज का इस्तीफा...!!!

एक दिन यमदेव ने दे दिया अपना इस्तीफा।

मच गया हाहाकार, बिगड़ गया सब संतुलन,

करने के लिए स्थिति का आकलन,

इन्द्र देव ने देवताओं की आपात सभा बुलाई
और फिर यमराज को कॉल लगाई।

'डायल किया गया नंबर कृपया जाँच लें'
कि आवाज तब सुनाई।

नये-नये ऑफ़र देखकर नम्बर बदलने की
यमराज की इस आदत पर इन्द्रदेव को खुन्दक आई,

पर मामले की नाजुकता को देखकर,
मन की बात उन्होने मन में ही दबाई।
किसी तरह यमराज का नया नंबर मिला,
फिर से फोन लगाया गया तो
'
तुझसे है मेरा नाता पुराना कोई'

का मोबाईल ने कॉलर टयून सुनाया।


सुन-सुन कर ये सब बोर हो गये
ऐसा लगा शायद यमराज जी सो गये।

तहकीकात करने पर पता लगा,
यमदेव पृथ्वीलोक में रोमिंग पे हैं,
शायद इसलिए, नहीं दे रहे हैं
हमारी कॉल पे ध्यान, क्योंकि बिल भरने
में निकल जाती है उनकी भी जान।

अन्त में किसी तरह यमराज
हुये इन्द्र के दरबार में पेश,
इन्द्रदेव ने तब पूछा-यम
क्या है ये इस्तीफे का केस?

यमराज जी तब मुँह खोले
और बोले-

हे इंद्रदेव।
'
मल्टीप्लैक्स' में जब भी जाता हूँ,
'
भैंसे' की पार्किंग होने की वजह से
बिन फिल्म देखे, ही लौट के आता हूँ।

'बरिस्ता' और 'मैकडोन्लड'
वाले तो देखते ही देखते इज्जत उतार
देते हैं और सबके सामने ही
ढ़ाबे में जाकर खाने-की सलाह दे देते हैं।

मौत के अपने काम पर जब
पृथ्वीलोक जाता हूँ
'
भैंसे' पर मुझे देखकर पृथ्वीवासी
भी हँसते हैं | और कार होने के ताने कसते हैं।

भैंसे पर बैठे-बैठे झटके बड़े रहे हैं
वायुमार्ग में भी अब ट्रैफिक बढ़ रहे हैं।
रफ्तार की इस दुनिया का मैं भैंसे से
कैसे करूँगा पीछा। आप कुछ समझ रहे हो

या कुछ और दूँ शिक्षा।

और तो और,

देखो रम्भा के पास है 'टोयटा'
और उर्वशी को है आपने 'एसेन्ट' दिया,
फिर मेरे साथ ये अन्याय क्यों किया?

हे इन्द्रदेव।
मेरे इस दु: को समझो और
चार पहिए की जगह चार पैरों वाला
दिया है कह कर अब मुझे
बहलाओ, और जल्दी से
'
मर्सिडीज़' मुझे दिलाओ।
वरना मेरा इस्तीफा अपने साथ
ही लेकर जाओ। और मौत का ये काम
अब किसी और से करवाओ।
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